5 पौधे जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं
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5 पौधे जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं – नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सभी? मैं एक बार फिर से आप सभी का स्वागत करता हूं हमारे इस बिल्कुल नए आर्टिकल पर।  दोस्तों आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी देंगे । आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको पांच ऐसे बेहतरीन पौधों के बारे में बताएंगे जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर आपको हमेशा फिट और एक्टिव बनाए रखते हैं । दोस्तों अगर आप भी इन पौधों के बारे में जानना चाहते हैं तो इसके लिए आप हमारा आर्टिकल पूरा आखिरी तक पढ़िए

दिन पर दिन नई नई बीमारियां हमारे शरीर पर हावी होती चली जा रही हैं । आप सभी देख रहे होंगे कि वर्तमान जलवायु बहुत ज्यादा प्रदूषित है जिस वजह से नई नई बीमारियां जन्म में ले रही हैं ।  दोस्तों अगर आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है तो आप इन बीमारियों से हमेशा बचे रहेंगे और यह बीमारियां आपका कुछ नहीं कर पाएंगी पर अगर आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो यह बीमारी आपको बहुत जल्दी अपनी चपेट में ले लेंगी और आप को अस्पताल पहुंचा देंगी ।

5 पौधे जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मार्केट में बहुत सारी दवाइयां और टॉनिक मौजूद है पर अगर आप प्राकृतिक तरीके से उगी हुई सब्जियों को खाते हैं तो इनसे भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।  कुछ ऐसी चुनिंदा पोधे हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं । आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से ऐसी ही प्रमुख पौधों के बारे में बताएंगे जो आपके शरीर पर जाकर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा देती हैं और आपको हर बीमारी से बचाए रखते हैं।

तुलसी

तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में एक बहुत ही पवित्र पौधा है । तुलसी के पौधे के पत्तियों का उपयोग पूजा-पाठ के साथ-साथ खाने में भी होता है।  दोस्तों जब कभी आपको सर्दी खांसी या जुखाम होता है तो आप तुलसी की चाय पीते हैं यह आपको बहुत ज्यादा फायदा पहुंचाती है । तुलसी में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का गुण होता है।  यह एक छोटा सा पौधा होता है यह आपको बहुत जगह देखने को मिल जाएगा।  तुलसी के पौधे की पत्तियां सुबह-सुबह खाने से आपके शरीर पर बहुत ज्यादा असर करती हैं।  आयुर्वेद में भी तुलसी को एक प्रमुख स्थान दिया गया है।

अगर आपने कभी आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन किया होगा तो आपको पता होगा कि बहुत सी दवाइयां ऐसी हैं जो तुलसी के पौधे की पत्तियों के साथ खाई जाती हैं।  अगर आपके घर में भी तुलसी का पौधा नहीं है तो मैं आपको सलाह दूंगा कि आप अभी अपने घर में तुलसी का पौधा लगाइए । तुलसी का पौधा ज्यादा जगह नहीं घेरता है इसीलिए आप इसको एक गमले में लगा सकते हैं और इस को नियमित रूप से पानी देते रहिए यह हरा-भरा बना रहेगा और प्रतिदिन  दो या चार पत्ती सुबह उठकर खाइए  और अगर हो सके तो तुलसी कि पत्तियों की चाय बनाकर भी पिए ।

गिलोय

गिलोय भी हमारे शरीर के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक होता है । आयुर्वेद में गिलोय का एक प्रमुख स्थान है ,अगर आपने कभी किसी आयुर्वेदाचार्य के पास दवा लेने के लिए गए होंगे तो आपको उसने गिलोय का इस्तेमाल करने की सलाह दी होगी । दोस्तों गिलोय में श्वेत रक्त कणिकाएं और लाल रक्त कणिकाएं को मेंटेन करने की क्षमता पाई जाती है ।

गिलोय के बारे में बहुत से लोग नहीं जानते थे पर जब से देश में कोरोना आया तब से कई डॉक्टरों ने गिलोय इस्तेमाल करने की सलाह दी तब से लोग गिलोय के बारे में जानने लगे । गिलोय आपको कहीं भी आसानी से मिल जाएगा अगर आपको यह ना मिले तो आप इसे बाजार से खरीद सकते हैं अगर आप गांव में रहते हैं तो गांव में आपको गिलोय जरूर प्राप्त हो जाएगा।

गिलोय का प्रयोग आप जूस बनाकर पीने में कर सकते हैं । अभी कुछ दिनों पहले देश में डेंगू बीमारी आई थी डेंगू की बीमारी में भी गिलोय के द्वारा बहुत से लोग सही हुए थे।  गिलोय में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुड पर्याप्त मात्रा में होते हैं अगर आपके अंदर लीवर संबंधित कोई समस्या है तो भी आप गिलोय का इस्तेमाल कर सकते हैं गिलोय हर तरह से हमारे शरीर को फायदा पहुंचाता है जिन लोगों को कब्ज की समस्या होती है उनके लिए भी गिलोय का सेवन लाभदायक होता है।

आवला

दोस्तों वैसे तो आंवले का नाम सुनते ही बहुत लोगों के मुंह में पानी आ जाता है पर आंवला इतना खट्टा होता है कि लोग आंवले को एक पूरा भी नहीं खा पाते हैं । आंवला एक छोटा सा फल होता है जो बहुत ज्यादा खट्टा होता है, अगर आप प्रतिदिन सुबह उठकर एक या दो कच्चे आंवले खाएं और उसके बाद पानी पिए तो आपको बहुत फायदा मिलेगा । जिन लोगों की आंखों में समस्या होती है वह लोग अवले का सेवन करके देखे उन्हें निश्चित रूप से फायदा मिलेगा । आंवला आपके शरीर की त्वचा को निखारने में भी काम आता है ।

आंवले का इस्तेमाल करके आप अपनी आंखों के नीचे के डार्क सर्कल भी खत्म कर सकते हैं । बहुत से लोगों को लीवर की समस्या होती है अगर वह आंवले का इस्तेमाल करें तो उनके लीवर की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।  दोस्तों जैसा कि आप सभी को पता है खट्टे पदार्थों में विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में पाया जात है अगर आप आंवले का इस्तेमाल प्रत्येक करते हैं तो आपके शरीर पर उचित मात्रा में विटामिन सी पहुंचता है जो आपके शरीर पर होने वाली सभी समस्याओं को दूर करता है ।

यह बात बिल्कुल सही है कि आंवला बहुत ही खट्टा होता है बहुत से लोग एक आंवला खट्टा होने की वजह से पूरा नहीं खा पाते हैं अगर आप भी आमला खाना चाहते हैं पर इसके खट्टे बन की वजह से आंवला नहीं खा पाते तो आप आंवले का मुरब्बा भी बाजार से मंगवा सकते हैं । यह आपको किसी भी दुकान में आसानी से मिल जाएगा आंवले का मुरब्बा भी आंवले की तरह ही फायदा पहुंचाता है।

हल्दी

हल्दी भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का एक अच्छा उपाय है । आप सभी ने सुना होगा कि जब किसी को चोट लग जाती है तो लोग उसे हल्दी वाला दूध पीने के लिए कहते हैं ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि हल्दी में रोग प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है जो हमारे शरीर में जाकर हमारे दर्द को कम करती है और घाव को भी खत्म करती है ।

अगर आपके शरीर के आंतरिक हिस्सों में चोट लग जाए तो आप हल्दी वाला दूध पीजिए इससे आपको यकीनन बहुत फायदा मिलेगा । हल्दी का उपयोग हमारे शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी किया जाता है जिन लोगों के घुटनों में सूजन रहती है जोड़ों में दर्द रहता है उनके लिए हल्दी पीना बहुत ही लाभदायक साबित होता है। हल्दी में कैंसर से लड़ने वाले तत्व पाए जाते हैं अगर आप कैंसर से हमेशा बचे रहना चाहते हैं तो आपको हल्दी का उपयोग करना शुरू कर दें।

एलोवेरा

दोस्तों अब आखरी में बात आती है सबसे असरदार रोग प्रतिरोधक पदार्थ की यह है एलोवेरा।  एलोवेरा आप सभी ने जरूर देखा होगा।  एलोवेरा का इस्तेमाल बहुत से लोग अपनी त्वचा को साफ करने के लिए करते हैं पर उनको यह नहीं पता होता है कि एलोवेरा के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है । अगर आप एलोवेरा का सेवन करने लगे तो आपकी त्वचा अपने आप साफ हो जाएगी ।

एलोवेरा को घृतकुमारी के नाम से भी बहुत लोग जानते हैं आयुर्वेद में भी एलोवेरा का काफी महत्व है।  एलोवेरा एक पत्ती होती है जिसके अंदर चिपचिपा तत्व पाया जाता है यह तत्व आप खाने में इस्तेमाल कर सकते हैं,  अगर आप चाहें तो लगभग 10 ग्राम शहद में 5 ग्राम एलोवेरा का रस मिलाकर प्रतिदिन खाना शुरु कर दें इससे आपकी त्वचा की रंगत बढ़ेगी और आपके अंदर बीमारियों से लड़ने की क्षमता होगी।

निष्कर्ष

दोस्तों यह आपके लिए छोटी सी जानकारी थी जिसमें आज हमने आपको कुछ प्रमुख रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले पदार्थ के बारे में बताया , अगर आप इन पौधों का इस्तेमाल अपने घर में करते हैं तो आप सभी बीमारियों से बचे रहेंगे । सबसे अच्छी बात यह है कि यह जितने भी पौधे हमने आज आपको बताएं यह सभी को आप अपने घरों में आसानी से उगा सकते हैं।

अगर आपके घर में छोटा सा गार्डन है तो आप उनमें इन पौधों को उगाने अगर आपके घर में गार्डन नहीं है तो आप इनको उगाने के लिए गमलों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं । दोस्तों यह जानकारी आज यहीं पर समाप्त होती है हमें उम्मीद है कि आप इस जानकारी से संतुष्ट होंगे। इसी तरह की अन्य जानकारी पाने के लिए आप हमारे साथ बने रहिए ।  धन्यवाद

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